पांच वर्ष बाद सीटी बजाते महरैल स्टेशन पहुंचा रेल इंजन, लोगों में खुशी

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झंझारपुर || झंझारपुर—लौकहा रेल खण्ड में करीब साढ़े सात किलोमीटर बड़ी रेल लाइन बिछाने का काम कर लिया गया है। रविवार को इस रेलखंड में महरैल स्टेशन पर दो नम्बर रेल लाइन से इंजन लेकर सीनियर सेक्सन इन्जीनियर भीम मंडल पहुंचे। इंजन के सिटी की आवाज जैसे ही सुनाई दी वहां बड़ी संख्या में आसपास के लोग पहुंच गए और पांच साल के बाद महरैल स्टेशन पर इंजन को आते देख उनसबों का चेहरा खिल उठा। 


आमान परिवर्तन के लिए इस रेलखंड में मेगा ब्लॉक लेने के पांच वर्ष बीतने पर महरैल स्टेशन तक इंजन के पहुंचने पर स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। महरैल के प्रो गीता नाथ झा कहते हैं कि 2017 में ही मेगा ब्लॉक लिया गया । लेकिन शुरुआत के तीन चार वर्ष कार्य में धीमी गति रहा। इलाके के सैकड़ों लोगो को कई महत्पूर्ण कार्यों के साथ साथ कोर्ट कहचरी के कार्यों के लिये झंझारपुर, दरभंगा और मधुबनी आना जाना पड़ता है। मेगा ब्लॉक के बाद उन लोगों पर यात्रा खर्च का बोझ बढ़ गया है। जिसके चलते यहां के लोगों में आक्त्रसेश भी पनपने लगा। अब लगता है कि आने वाले कुछ महीनों में एक बार फिर से ट्रेन का सीटी हर दिन सुनाई देना शुरु हो जाएगा। इसके पहले 26 अक्टुबर को झंझारपुर हॉल्ट तक मालगाड़ी पहुंची थी।

26 अक्टुबर को झंझारपुर हॉल्ट तक मालगाड़ी पहुंची थी

अंतिम चरण में है महरैल स्टेशन भवन व यात्री शेड का निर्माण झंझारपुर से लौकहा की दूरी 43 किलोमीटर है। जिसमें 64 छोटा पुल एवं 7 बड़ा पुल का निर्माण कराया जाना है। लेकिन अभी तक 51 पुल का ही निर्माण पूरा हो सका है। वहीं 7 बड़ा पुल में से 4 पुल का निर्माण कराया गया है। इसके अलावे 5 स्टेशन व 3 हाल्ट का भी निर्माण कार्य जारी है। महरैल स्टेशन भवन का निर्माण कार्य लगभग अतिंम चरण में है। यहां तीन प्लेटफार्म बनाया गया है। प्लेटफार्म पर यात्री शेड भी बनकर तैयार है। फ्लोरिंग का कार्य भी युद्धस्तर पर किया जा रहा है। झंझारपुर— निर्मली—लौकहा अमान परिवर्तन कार्य के लिए एक साथ 622 करोड़ आवंटित किया गया है। झंझारपुर—निर्मली रेल खण्ड चालू हो गया है। अब ट्रेनों का परिचालन होना बांकी है। आमान परिवर्तन के लिए 26 मई 2017 को ही मेगा ब्लॉक लिया गया था।

महरैल स्टेशन के एक नम्बर लाइन में बिछेगी रेलपटरी

सीनियर सेक्सन इन्जीनियर भीम मंडल ने बताया कि झंझारपुर से महरैल स्टेशन तक करीब सात किलोमीटर में रेल लाइन पहुंचाने का काम पुरा कर लिया गया है। महरैल स्टेशन पर अभी दो नम्बर प्लेटफार्म पर रेल लाइन बिछाया गया है। अब यहां प्लेटफार्म नम्बर एक में इलेक्ट्रिक से चलने वाली रेलगाड़ी के लिए 18 बीआरएफ के रेल पटरी बिछाया जाएगा। 264 मीटर का एक रेल पटरी होगा। भिवण्डी से चलकर 27 रैक पर लदे 50 पीस रेलपटरी झंझारपुर स्टेशन पर शनिवार को ही पहुंच गया है। रात में या फिर अगले दिन इस रैक को महरैल स्टेशन तक ले लाकर अनलोड किया जाएगा। दो से तीन महीना में सारा कार्य पुरा कर लिया लाएगा और प्रथम फेज में झंझारपुर से महरैल स्टेशन तक लाइन चालू हो जाने का उम्मीद है।

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