सहरसा न्यू दिल्ली वैशाली एक्सप्रेस का बदल सकता है मार्ग, नया मार्ग वाया झंझारपुर होगा : सांसद ने दिया प्रस्ताव

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SAHARSA: सहरसा-फारबिसगंज नवनिर्मित रेल खंड पर नरपतगंज-फारबिसगंज के बीच करीब 15 किलोमीटर रेल लाईन का 11 जनवरी को सीआरएस निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल सफल रहा। इस दौरान नरपतगंज-फारबिसगंज के बीच 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल सफल रही। इसके बाद अब जिले के लोगों की नजरें ट्रेन सेवा बहाल होने पर टिकी हुई है। 

जनवरी के अंत तक ट्रेन परिचालन की संभावना

इधर, मामले को लेकर सुपौल सांसद दिलेश्वर कामत ने बताया कि सहरसा-दरभंगा एवं सहरसा-फारबिसगंज रेल खंड पर ट्रेन लंबी दूरी की कई ट्रेन सेवा बहाल करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड की बैठक में दिया है। फिलहाल सहरसा-दरभंगा रूट पर सुपौल के रास्ते तीन जोड़ी ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। जबकि सहरसा- ललितग्राम के बीच दो जोड़ी डेमो ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। हालांकि वर्तमान में चल रहे डेमो ट्रेनों के परिचालन से सुपौल जिले के लोगों को कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए सहरसा-फारबिसगंज एवं सहरसा-दरभंगा रेल खंड पर यथाशीघ्र लंबी दूरी की ट्रेन सेवा बहाल की जाए। बता दें कि 2008 के बाद जिलेवासी 14 वर्ष से अधिक समय से उक्त रेल खंड पर ट्रेन सेवा का इंतजार कर रहे हैं।


पटना तक जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन की भी मांग

सहरसा से दिल्ली के बीच चलने वाली दो ट्रेनों में एक को सहरसा से विस्तार करते हुए सुपौल-सरायगढ़-निर्मली रास्ते दरभंगा होते हुए चलाने का प्रस्ताव दिया है। जबकि दूसरे को सहरसा से विस्तार करते हुए सुपौल-ललितग्राम के रास्ते फारबिसगंज होकर चलाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। इसके अलावा पटना तक चलने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन को तत्काल कम से कम सुपौल स्टेशन से चलाने का प्रस्ताव दिया है। जिस पर रेलवे को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है।

विद्युतीकरण पूर्ण होने तक करना होगा इंतजार


सांसद दिलेश्वर कामैत ने बताया कि रेलवे बोर्ड की बैठक में लंबी दूरी की ट्रेनों की मांग करने पर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एवं सरायगढ़-दरभंगा रेल खंड पर तेजी से विद्युतिकरण का काम किया जा रहा है। फिलहाल सरायगढ़ स्टेशन तक विद्युतिकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस रेल खंड पर विद्युतिकरण का कार्य पूर्ण होने के बाद ही लंबी दूरी की ट्रेन सेवा बहाल की जा सकेगी। क्योंकि डीजल की बढ़ती कीमतें के कारण पहले से रेलवे घाटे में जा रही है। जिस कारण रेलवे की ओर से लंबी दूरी की ट्रेनों में डीजल इंजन को तेजी से हटाया जा रहा है। इस कारण सहरसा-फारबिसगंज एवं सहरसा-दरभंगा रेल खंड पर फिलहाल लंबी दूरी की कोई ट्रेन सेवा बहाल नहीं की जाएगी। हालांकि 31 जनवरी से संसद का सत्र शुरू हो रहा है। सत्र में सहरसा-फारबिसगंज एवं सहरसा-दरभंगा रेल खंड पर लंबी दूरी की ट्रेन सवा बहाल करने की मांग उठा जाएगी। फिलहाल विद्युतिकरण कार्य पूर्ण होने तक लंबी दूरी की ट्रेन सेवा के लिए इंतजार करना होगा।

रेलवे की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी नहीं है।

सहरसा-फारबिसगंज रेल खंड पर जनवरी के अंत तक ट्रेन परिचालन की संभावना है। लेकिन कितने जोड़ी ट्रेन चलाए जाएंगे, इसकी जानकारी नही है। सहरसा-दरभंगा रेल खंड पर एक्सप्रेस ट्रेन चलाने से संबंधित कोई जानकारी विभाग की ओर से नही दी गई •बीरेन्द्र कुमार, सीपीआरओ, पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर


सुविधा • सांसद ने लंबी दूरी की ट्रेन सेवा बहाल करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड की बैठक में दिया

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