बिहार के 11 महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं अधूरी, पढ़े बिहार की रेलवे संजविनी की अधूरी कहानी

Also Read

Union Budget 2023 में बिहार के लोगों को बड़ी उम्मीद है. बिहार में रेलवे की नौ परियोजनाएं ऐसी हैं जो किसी न किसी कारण से अटकी हुई है. लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में इन योजनाओं को संजीवनी मिल सकती है. हाल ही में, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री आलोक मेहता ने रेल परियोजनाओं के लिए की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये हैं. बिहार में करीब एक दर्जन रेल परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. अधिकतर परियोजना मुआवजा के स्तर पर ही हैं. मंत्री आलोक मेहता ने सभी जिला भू अर्जन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि विभाग के स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. मुआवजा और रैयत की समस्याओं के निराकरण आदि के लिए रेलवे और संबंधित अन्य प्राधिकारों से समन्वय बनाये रखने को कहा है .

अररिया - गलगलिया नयी रेल लाइन परियोजना

अररिया जिलांतर्गत में भूअर्जन की कार्रवाई पूर्ण करते हुए दखल- कब्जा अधियाची विभाग को सौंप दी गयी है. 80 प्रतिशत मुआवजा राशि बांट दी है, लेकिन बीस फीसदी रैयत रेलवे द्वारा मुआवजा वितरण पूरा नहीं किये जाने के कारण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं. किशनगंज जिला में ही इस परियोजना के लिए 40 एकड़ भूमि का मुआवजा वितरण मामला लंबित है. मंत्री ने मार्च तक कार्रवाई पूर्ण कर लेने के निर्देश दिये हैं.


दरभंगा बाइपास रेल लाइन दोहरीकरण

रेलवे से 175.00 करोड़ मिला है. रैयतों को लगभग 48.00 करोड का मुआवजा का भुगतान कर दिया गया है. अतिरिक्त 100.00 करोड़ वापस कर दिया.


अररिया - सुपौल नयी रेल लाइन में 146.0 करोड का वितरण.

अररिया सुपौल नयी रेल लाइन में अररिया जिला में 767.23 एकड भूमि का अर्जन प्रस्तावित है. कुल 116.092 एकड़ भूमि के अर्जन की प्रारंभिक 237.647 करोड़ में 146.0 करोड़ का का वितरण किया गया है.

झंझारपुर लौकहा रेलखंड

इस रेलखंड पर 2017 से आमान परिवर्तन कार्य चल रही है, 2023 के मार्च में महरैल स्टेशन तक (झंझारपुर से 7 KM) ट्रेन परिचालन की उम्मीद है, इस रेल खंड की कुल दूरी 44 KM है। महरैल से आगे इस वर्ष चंदेश्वर स्थान तक ट्रेन चलाने की कोसिस रहेगी।

ललीतग्राम बायपास

फारबिसगंज दरभंगा रेलखंड पर झंझारपुर के रास्ते एक्सप्रेस ट्रेन की परिचालन हेतु ललीतग्राम में छातापुर गैरा नदी (डेढ़ KM) बाय पास का निर्माण के लिए 33 करोड़ रुपए मिल चुका है, जमीन अधिग्रहण चल रहा है। इस वर्ष पूरा करने की उम्मीद है।

बिहार शरीफ-शेखपुरा नयी रेल लाइन प्रस्तावित परियोजना

नारायणपुर मौजा में 200- रैयत है विस्तार से प्रतिवेदन की मांग की गयी है तथा रेलवे को दखल कब्जा सौंपने के लिए निर्देशित किया गया है.

राजेंद्र पुल एडिशनल ब्रिज का काम प्रभावित

रामपुर - दुमरा - ताल - राजेंद्र पुल एडिशनल ब्रिज के लिए पटना में 24.475 एकड़ भूमि का अर्जन करने को 19.09 करोड़ रुपये मिले हैं, लेकिन बड़ी संख्या में रैयतों द्वारा मुआवजा नहीं लिया जा रहा है. इस कारण जमीन अधिग्रहण का कार्य रुका हुआ है.


बाढ़-बख्तियारपुर थर्ड बड़ी नयी रेल लाइन (बख्तियारपुर फ्लाइ ओवर)

प्रस्तावित परियोजना के लिए पटना जिला में कुल 12.2415 एकड़ भूमि के अर्जन की कार्रवाई में प्राप्त 14.41 करोड़ में से कुल 10.00 करोड़ की राशि वितरित की गयी है. शेष मामले को न्यायालय को संदर्भित कर रेलवे को दखल कब्जा सौंप दिया गया है.

छपरा-मुजफ्फरपुर नयी रेल लाइन 

छपरा-मुजफ्फरपुर नयी रेल लाइन परियोजना कुल 480.705 एकड़ के लिए मिले 204, 00 करोड़ में से 147.00 करोड़ की राशि वितरित की गयी है.


हाजीपुर- सुगौली रेल लाइन परियोजना

पूर्वी चंपारण में दो चरणों में कुल 818.72 एकड़ भूमि का अर्जन किया जाना है. प्रथम चरण में 28 मौजा की कुल 228 18 एकड भूमि का अर्जन कर दखल कब्जा रेलवे को सौंप दिया गया है. द्वितीय चरण के 21 मौजा में से 18 मौजों की भूमि का दखल कब्जा रेलवे को सौंपा गया है. तीन मौजा के 208.0966 एकड भूमि के डीपीआर प्रक्रियाधीन है.

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने

संपर्क फ़ॉर्म